कहाँ है भारत में हनुमान जी की सबसे प्रसिद्ध प्रतिमायें
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कहाँ है भारत में हनुमान जी की सबसे प्रसिद्ध प्रतिमायें
पूरे भारत में आज हनुमान जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भगवान हनुमान को वीर बजरंगी, संकट मोचन, पवनपुत्र, अंजनीसुत आदि नामों से जाना जाता है। हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर आज हम आपको बताएंगे कि भारत में हनुमान जी की 10 सबसे बड़ी और प्रसिद्ध प्रतिमाएं कहा पर स्थापित है।
आंध्रप्रदेश के परितला गाँव मे स्थित हनुमान जी की 135 फ़ीट ऊँची प्रतिमा दुनिया में भगवान हनुमान की सबसे ऊंची प्रतिमा का दर्जा हासिल किए हुए है। यह प्रतिमा ब्राजील की ‘क्राइस्ट द रिडीमर’ स्टैच्यू से भी ऊँची प्रतिमा है।
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भारत में हनुमान जी की दूसरी सबसे ऊंची प्रतिमा ओडिशा राज्य में कोरापुट के दमनजोड़ी में स्थित है। इसकी ऊंचाई 108 फ़ीट से भी ज्यादा है।
भारत में तीसरी सबसे ऊंची भगवान हनुमान की प्रतिमा का दर्जा हासिल करने वाली 108 फीट ऊंची प्रतिमा हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थित है। शिमला में यह जाखू पहाड़ी पर समुद्र तल से 8048 फ़ीट की उचाई पर स्थित है।
इसके बाद महाराष्ट्र के बुलढाना जिले में नन्दूरा इलाके में हनुमान जी की 105 फ़ीट ऊंची प्रतिमा विद्यमान हैं। यह भारत की हनुमान जी की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में शामिल हैं।
हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त है। भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या उत्तर प्रदेश में स्थित है। उसी उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में भगवान हनुमान की 104 फीट ऊंची प्रतिमा स्थित है। यह विश्रामघाट में स्थित है जिसे हनुमत धाम भी कहा जाता है।
इसके बाद कर्नाटक राज्य के बेंगलुरु जिले में स्थित 102 फ़ीट ऊंची हनुमान जी की अगारा प्रतिमा अपनी ओर भगवान हनुमान के भक्तों का ध्यान आकर्षित करती है। बेंगलुरु में कई देवी देवताओं की ऊंची प्रतिमाएं स्थापित हैं परंतु उन सभी में यह मूर्ति सबसे ऊंची है।
भारत में अनेक स्थान ऐसे हैं जहाँ पर अनेक देवी देवताओं की मूर्ति स्थापित है। ऐसा ही एक स्थान मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा शहर के पास सिमरिया नाम से जाना जाता है। वहाँ पर हनुमान जी की लगभग 101 फिट ऊंची प्रतिमा स्थापित है।
आंध्र प्रदेश के डोड्डीपटला में हनुमान जी की इस मूर्ति का लोकार्पण वर्ष 2015 के अप्रैल माह में हुआ था। यह हनुमान जी की अबिराजुपालम प्रतिमा कही जाती है इसकी ऊँचाई 98 फ़ीट की है।
पंजाब के अमृतसर में रामतीरथ हनुमान के नाम से जानी जाने वाली महावीर हनुमान की 75 फ़ीट ऊंची प्रतिमा मौजूद है। यह प्रतिमा अमृतसर से 11 किलोमीटर दूर लोपोक रोड पर राम घाट स्थित श्रीराम तीर्थ मंदिर में स्थापित है।
भगवान हनुमान की यह मूर्ति बहुत ही प्रसिद्ध प्रतिमा है। इस प्रतिमा को आपने कई बार फिल्मों और नाटकों में भी देखा होगा। जी हाँ हम बात कर रहे हैं दिल्ली के झंडेवालान में स्थित भगवान हनुमान की प्रतिमा के बारे में। झंडेवालान में स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में यह प्रतिमा स्थापित है। यह प्रतिमा 60 फ़ीट से भी ज्यादा ऊंची है। यह मंदिर और मूर्ति दोनों अपने आप में अद्भुत है जिसके चलते यहाँ भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
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भगवान हनुमान की यह प्रतिमा स्वयंचलित भी है जिसे विशेष अवसरों पर चलाया जाता है। जैसे कि हनुमान जयंती और राम नवमी आदि। इस प्रतिमा के जरिए भक्तों को भगवान भगवान हनुमान के साथ साथ माता सीता और प्रभु श्रीराम के दर्शन होते है। रामायण के एक प्रसंग में विभीषण हनुमान जी की भक्ति का मज़ाक उड़ाता है तब हनुमान जी उसे अपना सीना चीर कर दिखाते हैं, और उसमें प्रभु श्रीराम, माता सीता की छवि दिखती है। यह देख विभीषण का सिर लज्जा से झुक जाता है और सभा मे मौजूद सभी लोगों उनकी भक्ति का सम्मान करते है। इसी प्रसंग को ध्यान में रखते हुए इस मूर्ति का निर्माण हुआ है या फिर कहे की उसी प्रसंग को यह याद दिलाती है।
जब विशेष अवसरों पर इसे चलाया जाता है। तब राम भक्त हनुमान सीना चीरते हुए प्रतीत होते हैं और सोने की प्रभु राम और माता सीता की प्रतिमा उनकी छवि के रूप में दिखाई पड़ती है। मान्यता है कि जो भी इस मंदिर में आते हैं हनुमान जी उनके सभी संकटों को हर लेते हैं। जिसके कारण इस मंदिर का नाम भी संकट मोचन हनुमान मंदिर है जहाँ पर यह प्रतिमा स्थापित है।
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